रुडकी, मार्च 19 -- मदरहुद विश्वविद्यालय में बुधवार से दो दिवसीय वार्षिक खेल प्रतिस्पर्धा की शुरुआत हुई। जिसका शुभारंभ विश्व विद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. नरेंद्र शर्मा के द्वारा किया गया। इसके बाद छात्रों ने कबड्डी, दौड़ आदि खेल प्रतियोगिता में बढ़ चढ़कर प्रतिभाग किया। कुलपति ने कहा कि खेलों के द्वारा न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक विकास भी होता है। खेल हमें जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं। साथ ही यह भी बताते हैं की हार-जीत जीवन का अभिन्न अंग है। इस महोत्सव में मदरहुड विश्वविद्यालय का कोई भी छात्र शामिल होकर अपनी खेल प्रतिभा को दिखा सकता है। प्रतिवर्ष इस तरह के अयोजन होने से छात्रों के अंदर छिपी हुई खेल प्रतिभा को उभरने का भी अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि मुझें स्वामी विवेकानंद के शाश्वत शब्द प्रेरित करते है। जिनमें उन्होंने कहा था कि मैंने हम...
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