नई दिल्ली, मई 25 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता जमीअत उलमा-ए-हिंद ने रविवार कहा है कि उसकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मदरसों के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगाई है। इसके बावजूद मदरसों पर कार्रवाई न्यायालय की अवमानना के समान है। संगठन के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने आरोप लगाया कि कोर्ट की रोक के बावजूद यूपी में नेपाल से लगते सीमावर्ती जिलों में मदरसे ही नहीं बल्कि दरगाहों, ईदगाहों और कब्रिस्तानों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई जारी है। अब तक सैकड़ों मदरसों को असंवैधानिक घोषित कर सील किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि वैध दस्तावेज होने के बावजूद यह कार्रवाई हो रही है। इसको लेकर मुसलमानों में गंभीर चिंता और भय व्याप्त है। यह भी बताया आजमगढ़ के सरायमीर में एक जून को संगठन के अखिल भारतीय मदरसा सुरक्षा सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। उसमें यह मुद्दा उठेगा।
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