चाईबासा, दिसम्बर 6 -- चाईबासा, संवाददाता। जिला मत्स्य कार्यालय के अनुसार, मत्स्य पालन के क्षेत्र में पश्चिमी सिंहभूम जिले के ग्रामीण अब अपनी रुचि दिखा रहे हैं। इस रुचि का प्रभाव है कि जिले के सभी जलस्यों एवं खदान मिलकर कल 6 जलाशयों एवं तीन बड़े खदानों में केज कल्चर तकनीक के माध्यम से मत्स्य पालन का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य से सीधे तौर पर 300 से अधिक लाभार्थी जुड़े हुए हैं। जिसका फायदा यह है कि उनकी आमदनी बढ़ी है और उन्हें रोजगार मिल रहा है। कृषक प्रतिवर्ष मछली पालन से लगभग दो से ढाई लाख रुपए तक आय प्राप्त कर आत्मनिर्भर हो रहे हैं। केज कल्चर के माध्यम से प्रति मत्स्य पालक 4 से 5 टन मछली उत्पादन कर रहे हैं, जिससे उन्हें ढाई से 3 लाख की आमदनी हो रही है। इस कार्य में जिला मत्स्य विभाग के द्वारा लाभुकों को प्रति केजी मछली दाना के खरीद पर...