नई दिल्ली, जनवरी 21 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण से उन लोगों के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं, जिनके नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाते। इसके साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि 'कोई भी शक्ति निरंकुश नहीं हो सकती।' मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने ये टिप्पणियां बिहार सहित कई राज्यों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) करने के निर्वाचन आयोग के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिकाओं के एक समूह की अंतिम सुनवाई के दौरान कीं। पीठ ने निर्वाचन आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी द्वारा दी गई विस्तृत दलीलों को सुना। पीठ इस सवाल पर विचार कर रही है कि क्या एसआईआर प्रक्रिया लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और उसके तहत बनाए गए नियमों के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं से...
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