हमीरपुर, दिसम्बर 9 -- बिवांर। मतदाता सूची के चल रहे गहन पुनरीक्षण अभियान में सड़क किनारे डेरा डालकर रहने वाले पछइयां समाज के लोग परेशान हैं। इनमें से तमाम का 2003 की वोटर लिस्ट में नाम नहीं है। जिसकी वजह से उनके सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। जबकि उक्त लोग बरसों से यहां सड़क किनारे डेरा डालकर रह रहे हैं। बिवांर में करीब 20 साल पहले पछइयां लोहार का कुनबा आया था, जो तब से यहीं रह रहा है। किसानों के कृषि उपकरणों को पीटकर तैयार करने के साथ ही लोहे के औजारों को बेचकर इनका जीवन यापन होता है। इसी समाज की महिला आशा ने बताया कि भइया का करो जाए आधार कार्ड तो बनवा लिन है हम बांग्लादेशी नोहैं न। वही पछइयां गुलाब पुत्र भवानीदीन ने बताया कि हमारे कुनबा के करीब दस हजार सदस्य होंगे, जिनमें कुछ के वोटरलिस्ट में नाम दर्ज है और कुछ के नहीं है। अब जैसा सर्वे ह...