पटना, जुलाई 7 -- इंडिया गठबंधन ने राज्य में चल रहे मतदाता गहन पुनरीक्षण को तत्काल रोकने की मांग की है। गठंबधन के नेताओं ने कहा कि इस काम को विधानसभा चुनाव के बाद कराया जाए, क्योंकि जिन 11 दस्तावेजों की मांग की जा रही है, वह गरीबों के पास नहीं है। इससे करोड़ों लोगों का नाम कट सकता है। सोमवार को अपने एक पोलो रोड में गठबंधन के साझा प्रेस वार्ता में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि हमने जो शंका जाहिर की थी, चुनाव आयोग ने अब तक उसका जवाब नहीं दिया है। हर घंटे नए-नए आदेश जारी किए जा रहे हैं। आयोग के आदेश में भी विरोधाभास है, जो चिंताजनक है। पहले कहा गया कि दस्तावेज बाद में दिये जा सकते हैं। फिर कहा गया कि 25 जुलाई तक ही दस्तावेज देने हैं। इससे लोगों में भ्रम और अविश्वास पनप रहा है। फॉर्म बांटने का आयोग का दावा आईवाश है। सवालों का जवाब नहीं...
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