वाराणसी, जनवरी 15 -- वाराणसी, अरविन्द मिश्र। मैं मानता हूं कि मणिकर्णिका घाट पर जो हुआ वह भूलवश हुआ लेकिन प्रश्न यह कि ऐसी भूल हो कैसे गई? स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार लोगों ने इसके बारे में पहले क्यों नहीं सोचा। यह अक्षम्य है। इस भूल के जिम्मेदार कौन हैं उन्हें चिह्नित करना होगा। यह कहना है खासगी देवी अहिल्याबाई होल्कर ट्रस्ट के अध्यक्ष यशवंत होल्कर का। वह बुधवार को आप के अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' से विशेष बातचीत कर रहे थे। महारानी उषा देवी से एक वर्ष पूर्व ट्रस्ट की अध्यक्षता का दायित्व पाने वाले यशवंत होल्कर ने कहा कि मैं जांच पर इसलिए जोर नहीं दे रहा कि दोषियों के विरुद्ध कदम उठाए जाएं। उनके खिलाफ कार्रवाई होती है या नहीं होती है यह उतना महत्वपूर्ण नहीं है जितना महत्वपूर्ण यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में ऐसा कदापि न हो। काशी के वर्तमान...