सीवान, मई 16 -- सिसवन। चैनपुर गांव में 35 वर्षीय मजदूर जितेंद्र चौहान की आकस्मिक मौत हो गई। उनकी मौत से दो नाबालिग बेटे और चार बेटियां अनाथ हो गईं। पत्नी मंजू देवी को अब घर के भरण-पोषण की चिंता सता रही है। जितेंद्र चौहान ने भी अपने पिता को बचपन में ही खो दिया था, जिसके बाद उनकी मां ने उनके चाचा से विवाह कर लिया था। लेकिन जब जितेंद्र की मौत हुई, तो उनके सौतेले पिता और अन्य परिजन उनके शव के पास तक नहीं गए। स्थानीय ग्रामीणों ने एकजुट होकर गुरुवार को शव का अंतिम संस्कार किया। मृतक की पत्नी और बच्चे पूरी रात शव के पास रोते रहे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...