बगहा, फरवरी 17 -- रिक्शा चलाने वाले लोगों की हालत मजदूरों से भी बदतर हो गई है। ई-रिक्शा ने उनकी सवारी उठा लिया है। इससे उनको बेरोजगार रहना पड़ रहा है। रिक्शा चलाने वाले जिन लोगों की स्थिति थोड़ी ठीक थी, उन्होंने ई-रिक्शा खरीद ली। लेकिन अधिकांश रिक्शा चालकों की आर्थिक स्थिति खराब है। ऐसे में उन्हें ई-रिक्शा खरीदने के लिए लोन तक नहीं मिलता है। अब लोग10 रुपये न्यूनतम खर्च कर ई-रिक्शा का उपयोग कर रहे हैं। लेकिन रिक्शा पर 20 रुपये वे खर्च नहीं करना चाहते। ऐसे में घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें सवारी नहीं मिलती है। पूर्व में दो-ढाई सौ रुपये कमाने वाले रिक्शा चालक के लिए अब सौ-डेढ़ सौ रुपये कमाना मुश्किल हो गया है। रिक्शा भाड़े पर लेने पर 50 रुपये रोजाना भाड़ा देना पड़ता है। सौ-डेढ़ सौ रुपये में घर-परिवार चलाना विवशता है। लंबी दूरी की सवारी करने पर 50 र...
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