जमुई, फरवरी 16 -- चकाई और खैरा में बननी चाहिए हैचरी जमुई, संजीव कुमार सिंह/हिन्दुस्तान संवाददाता जिले के मत्स्यपालकों के लिए अच्छी खबर है। रेवा, बाटा और बंगाना जैसी देसी व छोटी मछलियों (माइनर कार्प) के बीज के लिए अब उन्हें पश्चिम बंगाल की दौड़ लगाते हैं अब नहीं लगानी पड़ेगी। जिले की पहली माइनर कार्प हैचरी का निर्माण जमुई जिले के बरहर प्रखंड में एक हैचड़ी बनाया गया है। जिले के खैरा प्रखंड और चकाई प्रखंड के लिए जिला मत्स्य पदाधिकारी ने योजना से संबंधित प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजी है। स्वीकृति मिलते की कार्रवाई की जाएगी। बताया जाता है कि योजना की स्वीकृति मिलने के बाद छह माह में कार्य धरातल पर उतारते हुए मछली जीरा (बीज) का उत्पादन शुरू हो जाएगा। इससे मछली पालकों को बड़ी राहत मिलेगी। जमुई जिले में बंगाल से हर महीने माइनर कार्य के लिए भी आता ह...
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