कटिहार, अक्टूबर 7 -- नीरज कुमार, कटिहार, निज प्रतिनिधि जिले में मखाना की खेती व कारोबार बड़े पैमाने पर होता है। गुड़िया से मखाना का लावा तैयार करने को लेकर मखाना फोड़ी भी संचालित किया जाता है। आंकड़ों के मुताबिक जिले में 483 मखाना फोड़ी संचालित है। इन फोड़ी में दरभंगा व मधुबनी जिले के मजदूर मखाना फोड़ी का काम करते है। अमूमन एक फोड़ी में चार से पांच मजदूर काम करते हैं। औसतन एक परिवार के साथ कम उम्र के दो बच्चे होते हैं। इस तरह मखाना फोड़ी में करीब पांच हजार बच्चे अपने माता-पिता के साथ होते हैं। चार माह तक मजदूर परिवार यहीं रहकर फोड़ी का काम करते हैं। ऐसे में इनके बच्चों की शिक्षा प्रभावित होती है। फोड़ी के धुआं के बीच नौनिहालों का वर्ष में चार से पांच माह बीतता है। इनमें अधिकांश बच्चों का नामांकन न तो नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्रों में ही होता ...
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