झांसी, दिसम्बर 29 -- झांसी। केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने अमरूद के बगीचे वालों को सचेत करते हुए कहा कि वह फल मक्खी की निगरानी करें। कहा कि यदि इसमें लापरवाही की जाती है तो किसानों को अमरूद उत्पादन में नुकसान उठाना पड़ सकता है। अमरूद की खेती में फल मक्खी (फ्रूट फ्लाई) को सबसे अधिक विनाशकारी कीट के रूप में जाना जाता है, जो अमरूद उत्पादक क्षेत्रों में किसानों को भारी आर्थिक क्षति पहुंचाती है। फल मक्खी मुख्य रूप से फल के परिपक्व एवं पकने की अवस्था में प्रकोप करती है। मादा मक्खी फल की त्वचा के नीचे अंडे देती है, जिनसे निकलने वाले कीड़े (मैगट) फल के अंदर को खाते हैं। इससे फल के अंदर सड़न, दुर्गंध, समय से पहले फल गिरना तथा बाजार में बेचने योग्य गुणवत्ता का पूरी तरह नष्ट हो जाना जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। रानी लक्ष्मीबाई केंद्र...