नई दिल्ली, जनवरी 1 -- हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का पर्व बेहद पारंपरिक तरीके से मनाया जाता है। यह पर्व हर साल पौष के महीने में पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य ग्रह धनु राशि से निकलकर मकर राशि में गोचर करता है, तभी मकर संक्रांति मनाई जाती है। मान्यता के आधार पर इस त्योहार को सूर्य और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस महीने में सूर्य और भगवान विष्णु की पूजा करने से अच्छे स्वास्थ्य के साथ-साथ सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस दिन बनने वाले शुभ योग में पूजा, स्नान और दान करने से कई प्रकार की मुसीबतों से छुटकारा मिलता है वहीं जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। इसके साथ ही मकर संक्रांति का पर्व कई प्रकार के दोषों को भी दूर करता है। ऐसे में आज हम जानेंगे कि मकर संक्रांति पर पितृ दोष दूर करने के लिए कौन से उपाय करने चाहिए।...
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