रुडकी, जनवरी 12 -- इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व 14 और 15 जनवरी को मनाया जाएगा। करीब 23 वर्षों बाद मकर संक्रांति पर एकादशी का अद्भुत संयोग बन रहा है। पंचांग भेद और एकादशी व्रत के कारण पर्व दो दिन मनाने की शास्त्रीय मान्यता बन रही है। साथ ही इस बार शुक्र अस्त होने के कारण मकर संक्रांति से विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य प्रारंभ नहीं हो पाएंगे। आचार्य पंडित राकेश कुमार शुक्ला ने बताया कि स्थानीय पंचांगों के अनुसार 14 जनवरी को सूर्य का मकर राशि में प्रवेश अपराह्न 3:05 बजे होगा, जिसके चलते संक्रांति का पुण्य काल प्रातः 8:40 बजे से प्रारंभ माना गया है। वहीं काशी और वाराणसी आदि के पंचांगों के अनुसार सूर्य का मकर राशि में प्रवेश रात्रि 9:19 बजे होने से 15 जनवरी को सूर्योदय से दोपहर 1:19 बजे तक पुण्य काल रहेगा। इसी कारण दोनों दिन संक्...