नई दिल्ली, जनवरी 15 -- रांची समेत आसपास के इलाकों में गुरुवार को मकर संक्राति की धूम रहेगी। तिल-गुड़ की मिठास के साथ लोग पवित्र नदियों-जलाशयों में आस्था की डुबकी लगाएंगे। वहीं, बहुत से लोग घरों में गंगाजल मिले पानी से पुण्यकाल का स्नान करेंगे। इसके साथ ही खरमास का समापन होगा और मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। सुबह से ही मंदिरों-घरों में पूजा की घंटियां बजेंगी।प्रात:काल में दिव्य अर्घ्य से सूर्य की प्राप्त होती है कृपा मकर संक्रांति का शास्त्रीय नियम है कि प्रदोषकाल के बाद रात में किसी भी समय संक्रांति लगती है तो उसका पुण्यकाल दूसरे दिन होता है। स्नान दान के लिए यह पर्व महत्वपूर्ण है। गंगा स्नान का विशेष महत्व है। गंगाजल को जल में मिलाकर स्नान करना पुण्दायक होता है। प्रात:काल में दिव्य अर्घ्य देने से सूर्यनारायण की कृपा प्राप्त होती है।खिचड़...