छपरा, अप्रैल 26 -- गड़खा, एक संवाददाता। जिले के सुप्रसिद्ध सूर्य नरायण मंदिर कोठियां-नरांव परिसर में चल रहे नव दिवसीय नारायण विश्व शांति महायज्ञ के सातवें दिन डॉ पुंडरीक शास्त्री ने अपने प्रवचन के दौरान मंदिर की महिमा और के विषय के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यद्यपि परमात्मा हर कण में विराजमान हैं लेकिन उनका अस्थाई केंद्र मंदिर है । मंदिर में शंख की ध्वनि, घंटे की टंकार, मंत्रोच्चार और धूप दीप से मंदिर में सदैव सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता रहता है। अत: आप हर जगह परमात्मा का आत्म दर्शन करें लेकिन मंदिर जरूर जाएं। मंदिर जाने से मनुष्य के बुरे विचार और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। उन्होंने एक अन्य प्रसंग में रामचरित मानस को सभी ज्ञान, विज्ञान का पुंज बताया। रामचरित मानस आधुनिक तकनीक विज्ञान और तर्क शास्त्र का श्रोत है। सभी ...
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