फतेहपुर, नवम्बर 27 -- फतेहपुर। मंदिर-मकबरा विवाद को लेकर पार्टी की जमकर हुई फजीहत या फिर पार्टी कार्यकर्ता से पद दिलाने के नाम पर 50 लाख की वसूली को लेकर निवर्तमान जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल सुर्खियों में रहे। दोनों प्रकरण के बाद आरोपों में घिरे मुखलाल पर कार्रवाई तय माना जा रहा था। आखिर लंबे इंतजार के बाद बुधवार को मुखलाल पाल की कुर्सी छिन गई। शहर के आबूनगर रेडैड्या स्थित कथित मकबरा को ठाकुर विराजमान मंदिर होने का दावा करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष ने 11 अगस्त को भारी भीड़ बुला कर आरपार का ऐलान किया था। जिलाध्यक्ष द्वारा एक अधिकारी को धमकाने का वीडियो वायरल हुआ था। जिसके बाद भारी भीड़ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को भेदते हुए कथित मकबरा में धावा बोलते तोड़फोड़ किया था। मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष की भूमिका को लेकर विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार को घेरने का ...