जमशेदपुर, फरवरी 9 -- सारथी संस्था ने मंदिरों में उपयोग हुए फूलों को इकट्ठा कर दिव्यांग बच्चों और महिलाओं की मदद से प्राकृतिक और केमिकल-फ्री रंग (अबीर) बनाने की पहल शुरू की है। यह प्रोजेक्ट पिछले 15 दिनों से चल रहा है और होली तक जारी रहेगा। इससे लाभार्थियों को नियमित रोजगार, कौशल विकास और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है। रविवार को कदमा रंकिणी मंदिर के पास आयोजित कार्यक्रम में विधायक सरयू राय ने संस्था की सराहना की और बताया कि पूजा के बाद फूलों को नदियों में विसर्जित किया जाता है, जिससे जल प्रदूषण बढ़ता है। सारथी संस्था इन्हें पुनर्चक्रण कर ऑर्गेनिक रंग में बदल रही है, जिसे शहर के मंदिरों और समुदायों को उपलब्ध कराया जा रहा है। जॉय ऑफ हैप्पीनेस स्कूल के दिव्यांग छात्र सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर मिल र...
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