चित्रकूट, जून 5 -- चित्रकूट, संवाददाता। पतित पावनी मंदाकिनी की प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखने के लिए सेवाभावी कार्यकर्ताओं टोलियां लगातार सफाई में जुटी है। पिछले 12 दिन से दीनदयाल शोध संस्थान की अगुवाई में अभियान चल रहा है। रोजाना सुबह से ही समाजसेवी मंदाकिनी की सफाई में जुट रहे है। यूपी-एमपी दोनो ही तरफ मंदाकिनी की जलधारा से जलीय घास और कचरे को बाहर निकाला जा रहा है। भगवान राम की तपोभूमि धर्मनगरी चित्रकूट स्थित एमपी क्षेत्र के अनुसुइया जंगल से मंदाकिनी नदी का उद्गम स्थल है। हर महीने अमावस्या मेला के दौरान देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालु मंदाकिनी स्नान करते है। रोजाना औसतन पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं का वैसे भी आगमन होता है। देश में तीर्थ यात्रा हर एक हिंदू व्यक्ति की जिंदगी का अहम हिस्सा होता है। चार धाम की तीर्थ यात्रा में चित्...
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