लखनऊ, अक्टूबर 3 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने निर्णायक संघर्ष का ऐलान किया है। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि निजीकरण का टेंडर निकलते ही जेल भरो आंदोलन शुरू हो जाएगा। संघर्ष समिति ने कहा कि गुपचुप तरीके से निजीकरण की साजिश रची जा रही है। नियामक आयोग निजीकरण के प्रस्तावित मसौदे पर आपत्तियां जताकर उसे सरकार को वापस कर चुका है। अब आयोग पर निजीकरण के प्रस्ताव पर सहमति के लिए दबाव बनाया जा रहा है। शुक्रवार को उसी कड़ी में बैठक हुई। शैलेंद्र दुबे ने कहा कि निजीकरण के विरोध में चिंतन मंथन शिविर आयोजित हो रहे हैं। बिजली कर्मचारियों ने सामूहिक तौर पर निजीकरण का प्रस्ताव खारिज कर दिया।
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