नई दिल्ली, जनवरी 23 -- बॉम्बे उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था को लेकर तल्ख टिप्पणी की है। अदालत ने पूछा कि मंत्रियों के बच्चे अपराध कर खुला घूमते हैं, लेकिन पुलिस उन्हें तलाश नहीं पाती। कहा कि क्या मुख्यमंत्री इतने लाचार हैं कि वे उस मंत्री के खिलाफ कुछ नहीं कह सकते, जिसका बेटा एक आपराधिक मामले में फरार है। जस्टिस माधव जामदार की अदालत गुरुवार को शिवसेना मंत्री भरत गोगवाले के बेटे विकास गोगवाले की गिरफ्तारी पर रोक की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। विकास का नाम महाड में निकाय चुनाव के दौरान हिंसक झड़प में एक आरेापी के तौर पर शामिल है। अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, 'क्या राज्य के मुख्यमंत्री इतने लाचार हैं कि वे एक भी मंत्री के खिलाफ कुछ नहीं कहते? मंत्रियों के बच्चे अपराध करते हैं और आजाद घूमते हैं और वे अपने माता-पि...