बेगुसराय, अप्रैल 22 -- मंझौल, एक संवाददाता। लगभग दो दशक से अनुमंडल मुख्यालय में बंद पड़ा सियासरण गया देवी महिला महाविद्यालय, मंझौल उद्धारक की बाट जोह रहा है। लगभग तीन दशक चलने के बाद सरकार की अपेक्षापूर्ण नीतियों के कारण यह महिला कॉलेज बंद हो गया। भवन खंडहर में तब्दील हो गया है। फर्नीचर, चहारदीवारी आदि सभी सब संसाधन बर्बाद हो गए हैं। शिक्षाप्रेमियों ने स्थानीय विधायक राजबंशी महतो से मांग की थी कि बंद पड़े महिला कॉलेज को डिग्री महिला कॉलेज में परिणत कर चलाया जाए। मंझौल के पूर्व मुखिया शिक्षाप्रेमी देवनंदन प्रसाद सिंह का सपना था कि इस कैंपस में जब छात्राएं प्रवेश करें तो ग्रेजुएट बनकर ही निकलें। फिलहाल प्राथमिक विद्यालय से इंटर तक की पढ़ाई इस कैंपस में जारी है। चेरियाबरियारपुर प्रखंड में एकमात्र आरडीपी प्लस टू गर्ल्स हाई स्कूल मंझौल को पीएम श...
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