बांका, अगस्त 13 -- फुल्लीडुमर (बांका), निज प्रतिनिधि। आजादी के 78 साल बीत जाने बाद भी फुल्लीडुमर प्रखंड के सुदूर जंगल-पहाड़ों के बीच बसे उत्तरी कोझी पंचायत के मंझली कुशाहा गांव के समीप नदी में आज तक पुल नहीं बनने से क्षेत्रीय लोगों के लिए यह अभिशाप बनकर गई है। मंझली कुशाहा पथ जो बांका-बेलहर मुख्य मार्ग के गोड़ा बाजार से फुल्लीडुमर प्रखंड मुख्यालय तथा ढोंढारी को जोड़ती है। मंझली कुशाहा गांव से उत्तर इसी पंचायत के ढोंढारी गांव तक जाने वाली सड़क के बीच बिना पुल वाली नदी लोगों के लिए आवागमन में एक बड़ी बाधक बनी हुई है। जिससे इसके आसपास के गांव गाड़ीजोर, मंझली कुशाहा, नैकाडीह, घोड़टप्पी, मंझली, गाड़ीजोर, भेलवातरी, ढोंढारी आदि दर्जनों बड़े-छोटे गांव, टोले के हजारों लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ता है। जिससे क्षेत्रीय लोग परेशान हैं। जिसके खि...