आरा, दिसम्बर 1 -- -स्ट्रावेलर के प्रयोग के बाद नहीं खेतों में लगानी पड़ती है आग, लिहाजा किसानों पर नहीं होगा केस -यह मशीन प्रति घंटे डेढ़ बीघे खेत की काटती है पराली -सवा चार लाख की कीमत में सवा दो लाख का मिलता है अनुदान -हार्वेस्टर से कटे खेतों में ही प्रयोग हो रहा स्ट्रावेलर का जगदीशपुर, निज संवाददाता। भोजपुर के किसान खेतों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से स्ट्रावेलर मशीन का प्रयोग कर रहे हैं। यह मशीन खेत में ट्रैक्टर के साथ संचालित होती है। इससे किसान हार्वेस्टर से फसल काटने के बाद खेत में बचे अवशेष (डंठलों ) को आग लगाकर नष्ट करने की बजाय पशु चारा का बंडल तैयार कर रहे हैं। इस मशीन के प्रयोग से किसानों के खेत की मिट्टी पूरी तरह सुरक्षित रहती है। उर्वरता व उत्पादकता क्षमता बनी रहती है। पर्यावरण को भी क्षति नहीं पहुंच रही है। वहीं पशु चारे ...