रांची, दिसम्बर 10 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान ने कहा है कि संविधान सभी नागरिकों को समानता का अधिकार देता है। संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे भेदभाव और भय से मुक्त वातावरण सुनिश्चित करें। उन्होंने न्यायपालिका में लैंगिक न्याय और गरिमा को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। वह बुधवार को हाईकोर्ट जेंडर सेंसिटाइजेशन एंड इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी की ओर से कार्यस्थल पर लैंगिक चुनौतियां और उनसे निपटने की रणनीति विषय पर बोल रहे थे। कमेटी की अध्यक्ष जस्टिस अनुશુંભभा रावत चौधरी ने स्वागत भाषण में कहा कि समिति कार्यस्थलों पर संवेदनशीलता, सम्मान और निष्पक्षता बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। कार्यक्रम में एक्सआईएसएस की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ राजश्री वर्मा ने मुख्य विषय पर विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसे प्रतिभ...