सीतापुर, फरवरी 16 -- नैमिषारण्य, संवाददाता। हम सभी परम सौभाग्यशाली हैं कि आज हमे वेद, शास्त्र, पुराणों की युगों युगों से चली पावन परम्परा से सेवित सतयुग की पुण्य धरा पर भव्य दिव्य श्रीमद्भागवत कथा का अवसर प्राप्त हुआ है। जहां महर्षि वेदव्यासजी ने सूत- शौनकादि ऋषियों के द्वारा सनातन धर्म के मर्म का भान कराया था। उपरोक्त प्रवचन आज हनुमान गढ़ी कथा प्रांगण में बड़े महंत बजरंग दास के सानिध्य व तपोनिष्ठ संत नन्द किशोर नंदू की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित भव्य दिव्य श्रीमद् भागवत कथा के पहले दिन सुप्रसिद्ध कथाव्यास इंद्रेश जी महाराज ने कहे। कथा के प्रथम दिवस पर इंद्रेश जी ने नैमिषारण्य की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि कहा कि नैमिषारण्य की भूमि पर श्रीमद्भागवत कथा सुनने का सौभाग्य किसी साधारण पुण्य या व्यक्तिगत सत्कर्मों से प्राप्...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.