आजमगढ़, दिसम्बर 5 -- आजमगढ़, संवाददाता। कृषि विज्ञान केंद्र कोटवां में शुक्रवार को विश्व मृदा दिवस के अवसर पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर संयुक्त निदेशक गोपाल दास ने कहा कि मृदा हमारे अनंत जीवन का आधार है। बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण और असंतुलित कृषि पद्धतियों के कारण मृदा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। भूमि में कार्बन की मात्रा कम होने से बीज के जमाव और बेहर उत्पादन पर संकट खड़ा हो गया है। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. अखिलेश कुमार यादव ने कहा कि जनपद में पोषक तत्वों की उपलब्धता में नाइट्रोजन अति न्यूनतम मात्रा में पहुंच गया है। इसके साथ ही फास्फोरस न्यूनतम, पोटास मध्यम में उपलब्ध है। मृदा को स्वस्थ रखने के लिए अति आवश्यक तत्व जीवाश्म कार्बन, जो 0.8 होना चाहिए, आज के समय में 0.2 तक पहुंच गया है। इसकी वजह से बीजों...