दुमका, अक्टूबर 10 -- लुमाई हवेली में झारखंड राज्य किसान सभा एवं आदिवासी अधिकार मंच के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय संथाल परगना भूमि अधिकार कन्वेंशन विस्थापन के खिलाफ एकदिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में भूमि अधिकार और विस्थापन के मुद्दों पर चर्चा की गई और सरकार से मांग की गई कि वह आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा करे। सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि झारखंड बनने के बाद 24 वर्ष गुजर चुका है इसके बाद ही झारखंड राज्य की स्थापना संघर्ष के माध्यम से कुछ राजनीतिक सामाजिक और संस्कृति अधिकार हासिल करना था लेकिन यह काम पूरा नहीं हुआ। आदिवासियों को उनके भूमि और जंगल से बेदखल करने वाली नीतियों को बंद किया जाना चाहिए।
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