वाराणसी, नवम्बर 11 -- वाराणसी, हिन्दुस्तान संवाद। भगवती अन्नपूर्णा का 17 दिनों का महाव्रत सोमवार से आरंभ हो गया। 17 दिनों तक भक्त नियमित रूप से भगवती की पूजा और कथा सुनेंगे। 17 साल, 17 महीने और 17 दिनों के व्रत के पहले दिन श्रद्धालुओं ने महंत शंकर पुरी के हाथों पूजित 17 गांठ का धागा प्राप्त किया। मंदिर में 17 दिनों के व्रत के पहले दिन भोर में 17 गांठ वाले सूत्रों का पूजन महंत शंकर पुरी ने किया। पूजन के बाद अन्नपूर्णा व्रत कथा की पुस्तक और सूत्र का वितरण हुआ। माता अन्नपूर्णा का यह महाव्रत करने वाले पुरुषों ने 17 गांठ वाला धागा दाहिनी भुजा पर धारण किया। महिलाओं ने इसे बाईं भुजा में पहना। व्रतकर्ता 17 दिनों तक बिना नमक का फलाहार एक समय ही करेंगे। उद्यापन के दिन 27 नवंबर को मां अन्नपूर्णा का धान की बालियों से शृंगार होगा। गर्भगृह समेत समूचे म...