मिर्जापुर, नवम्बर 24 -- मिर्ज़ापुर। जिले के अदलहाट इलाके के भुईलीखास गाँव में स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारे में सोमवार को सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर का शहीदी पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा। यह गुरुद्वारा न केवल सिख समुदाय के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए आस्था का केंद्र है। इसका इतिहास लगभग 350 वर्ष पुराना है। गुरु तेग बहादुर के शहीदी पर्व के अवसर पर यहां कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सेवादारों ने बताया कि गुरुद्वारे का इतिहास सीधे तौर पर नौवें गुरु, तेग बहादुर से जुड़ा है। करीब 350 वर्ष पूर्व, गुरु तेग बहादुर ने अपनी यात्रा के दौरान भुईली गाँव में रुककर अपनी अमृतवाणी से ज्ञान का प्रकाश फैलाया था। उनके उपदेश देने के बाद ही अनुयायियों ने उनकी स्मृति में उसी स्थल पर गुरुद्वारे का निर्माण कराया। सेवादार सुमेर सिंह ने बताया कि गुरु ते...