बिहारशरीफ, जनवरी 29 -- भीष्म द्वादशी आज, पितरों की शांति के लोग करेंगे तर्पण तर्पण और दान का महापर्व भीष्म द्वादशी मोक्ष व सौभाग्य का दुर्लभ अवसर पावापुरी, निज संवाददाता। माघ मास का शुक्ल पक्ष आध्यात्मिक ऊर्जा और पुण्य फलदायी होता है। भीष्म द्वादशी शुक्रवार को है। इस दिन पितरों की शांति के लिए लोग तर्पण करेंगे। यह तिथि तिल बारस, गोविंद द्वादशी और माधव द्वादशी जैसे नामों से भी जानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन केवल व्रत या अनुष्ठान तक सीमित नहीं, बल्कि पितरों की शांति, आशीर्वाद और मोक्ष प्राप्ति का अत्यंत शुभ अवसर है। पंडित सूर्यमणि पांडेय ने बताया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार महाभारत के महान योद्धा भीष्म पितामह को इच्छामृत्यु का वरदान प्राप्त था। वे बाणों की शैय्या पर लेटे सूर्य के उत्तरायण होने की प्रतीक्षा कर रहे थे। अष्टमी...