गया, फरवरी 20 -- दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के सामाजिक अध्ययन विभाग द्वारा 'भीख में संलग्न बच्चों के लिए विशेष सेवाएं' विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भिक्षावृत्ति के उन्मूलन के लिए विशेषज्ञों ने अपनी राय रखी। डॉ. के लिंगास्वामी, स्कूल ऑफ सोशल वर्क, नई दिल्ली ने भीख मांगने में संलग्न बच्चों के लिए एकीकृत संरक्षण व पुनर्वास सेवाओं पर प्रकाश डाला। प्रो. सुदेशना मुखर्जी, एसोसिएट प्रोफेसर, चाणक्य विश्वविद्यालय, बेंगलुरु ने बियॉन्ड साइज फिट्स ऑल: बाल भिक्षावृत्ति के मार्गों का मानचित्रण और लक्षित सेवाएं विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने भिक्षावृत्ति के अध्ययन के लिए एक सैद्धांतिक ढांचा प्रस्तुत किया और इसके अध्ययन के लिए चार मार्ग भी सुझाये। कंकनाथ और डॉ. प्रवीण रंजन, काउंसिल ऑफ मगध वीमेन एम्पावरमे...