जौनपुर, सितम्बर 7 -- चंदवक हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के रेहारी गांव में चल रहे सात दिवसीय भागवत कथा के पांचवे दिन पुरनजन उपाख्यान के माध्यम से जीव और परमात्मा के संबंधों का व्याख्यान करते हुए वामन अवतार, हरि अवतार, भक्त प्रह्लाद की कथा पर विस्तार से बताया। वृंदावन से आए कथा वाचक आचार्य शिव स्वरूप महाराज ने बताया कि ईश्वर समदर्शी है। इसमें कोई संदेह नहीं। ईश्वर जाति विशेष से नहीं भाव के भूखे हैं। रैदास जी महाराज महान संत थे जिनकी शिष्या मीरा बाई थीं। जहां हिरण्याकश्यप ईश्वर को अपना परम शत्रु मानता था तो वहीं उसका बेटा प्रह्लाद ईश्वर भक्त था। यदि भगवान दैत्यों के दुश्मन होते तो प्रह्लाद दैत्य पुत्र थे। वे ईश्वर को अपना स्वामी मानते थे। कार्यक्रम का समापन भव्य आरती के साथ हुआ। आयोजक धर्मेंद्र सिंह नखड़ू ने स्वागत किया। इस अवसर पर ग्राम प्रध...