लखनऊ, नवम्बर 14 -- लखनऊ, संवाददाता। इतिहास में भारत की भूमिका केवल सभ्यता और संस्कृति तक सीमित नहीं रही बल्कि वह विश्व व्यापार का केन्द्रीय केंद्र भी रहा है। ये बातें बीबीएयू में प्रबंध अध्ययन विभाग की ओर से आयोजित व्याख्यान में मुख्य वक्ता गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय मामले निदेशक प्रो. विजिता सिंह अग्रवाल ने कहीं। उन्होंने सिंधु बंदरगाहों से रोमन बाजार तक भारत की प्राचीन व्यापार यात्रा विषय पर बोलते हुए प्राचीन भारत के व्यापारिक वैभव, समुद्री मार्गों, सिंधु सभ्यता के बंदरगाहों और भारत-रोमन साम्राज्य के मध्य व्यापारिक संबंधों को बताया। कहा कि प्राचीन भारत का व्यापारिक इतिहास आज के मेक इन‌ इंडिया और‌ विकसित भारत जैसे अभियानों से गहराई से जुड़ा हुआ है। भारत ने प्राचीन काल में जिस स्वदेशी उत्पादन और निर्यात-आधारि...