नई दिल्ली, दिसम्बर 8 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया पर भारत विरोधी पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार असम के एक कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर को सोमवार को जमानत दे दी। अदालत ने हालांकि यह भी कहा कि उसे दी गई राहत नौकरी पर उसकी बहाली का आधार नहीं बननी चाहिए। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि उसका नाम दो अन्य मामलों में भी दर्ज है, जिनमें उस पर छात्राओं से छेड़छाड़ करने और सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। इससे पहले, पीठ ने प्रोफेसर को 'विकृत व्यक्ति' और 'युवतियों के लिए खतरा' बताया था। पीठ ने आदेश दिया कि सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए, उसे जमानत बॉन्ड प्रस्तुत करने की शर्त पर रिहा किया जाए। उसे प्रत्येक सुनवाई के लिए अदालत में उपस्थित रहना होगा। पीठ ने स्पष्ट किया कि छात्राओं से...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.