गंगापार, नवम्बर 23 -- भारत में महिलाओं की पूजा प्राचीन समय से ही होती आई है। नारी सशक्तिकरण पश्चिम सभ्यता की देन है। उक्त बातें बीएचयू के पूर्व कुलपति ने भेस्की गांव में आयोजित एक स्कूल में कही। मौका था अटल बिहारी वाजपेई के 101 जन्मजयंती समारोह का। भेस्की गांव स्थित तेज प्रताप सिंह इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा पंच द्रव्यों से हमारा शरीर बना है। यह सृष्टि परमात्मा का स्वरूप है, सर्वे भवंतु सुखिना भारत की अवधारणा रही है। पारिवारिक मूल्यों की चर्चा छात्रों के बीच में करनी होगा। पश्चिम में लोगों का मानना था कि महिलाओं में आत्मा नहीं होती। जब लोगों ने कहा कि महिलाओं में आत्मा नहीं होती तो सेंट मैरी की आत्मा नहीं थी। तब जाकर लोगों ने माना। नारी सशक्तिकरण पश्चिम की देन है। हमारे यहां...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.