बिजनौर, जनवरी 19 -- कोतवाली देहात। क्षेत्र के ग्राम करौंदा चौधर में आयोजित हिंदू सम्मेलन में फुलसंदे वाले बाबा ने कहा कि भारत वह पवित्र भूमि है जहां स्वर्ग और मोक्ष दोनों की अनुभूति संभव है। पुण्य आत्माओं को ही इस धरती पर जन्म लेने का सौभाग्य प्राप्त होता है। सम्मेलन को संबोधित करते हुए बाबा ने कहा कि इस्लाम के आगमन से ढाई हजार वर्ष पूर्व अरब देशों में भी वेदों की ऋचाएं गूंजती थीं और वहां वेदों के विद्वान मौजूद थे। वेदों के ज्ञान को पूरे विश्व ने स्वीकार किया है। भगवान शिव, ब्रह्मा और विष्णु ने इसी भारत भूमि पर अवतार लेकर मानव कल्याण का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि भारत की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य है। हमें दूसरों की तरक्की देखकर प्रसन्न होना चाहिए, विनाश देखकर नहीं। भारत में 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना सदैव रही है और वेद मंत्रों में सभी ...