गोरखपुर, जून 15 -- गोरखपुर, मुख्य संवाददाता। भारत ने ही विश्व को ध्यान, ज्ञान और जीवन की श्रेष्ठ पद्धति दी है। भारतीय संस्कृति केवल एक भौगोलिक सीमा में सिमटी नहीं रही, बल्कि इसका प्रभाव संपूर्ण विश्व की संस्कृतियों, धर्मों और परंपराओं पर पड़ा है। यह विचार विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष एवं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने रविवार को संस्कृति पब्लिक स्कूल में आयोजित परिषद शिक्षा वर्ग के समापन एवं दीक्षांत समारोह में व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म ही एकमात्र ऐसा जीवन दर्शन है, जो नदियों को माता मानता है। पर्यावरण की पूजा करता है। समरसता का भाव रखता है और सर्वे भवन्तु सुखिनः की भावना से सभी के कल्याण की कामना करता है। यही बात विहिप के एकात्मकता स्तोत्र में भी वर्णित है, जिसे पिछले दस दिनों से प्रश...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.