नई दिल्ली, अगस्त 15 -- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अलास्का में बैठक होने वाली है। वॉशिंगटन से लेकर मॉस्को, यूरोप और यूक्रेन तक इस बैठक पर नजरें जमाए हुए है। वहीं, भारत भी ट्रंप-पुतिन में कम दिलचस्पी नहीं ले रहा है। वजह, इस बैठक के नतीजों से तय होगा कि रूसी तेल आयात करने पर भारत को अमेरिकी टैरिफ से राहत मिलेगी या नहीं। ट्रंप और पुतिन की बैठक पीएम मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर संबोधन के कुछ घंटों बाद होने वाली है। लाल किले पर अपने भाषण में पीएम मोदी ने भारत में हाई क्वॉलिटी के सामान बनाने पर जोर दिया। पॉलिसी में भी बदलाव की बात कही। साथ ही आत्मनिर्भर होने की दिशा में ठोस कदम उठाने पर भी जोर दिया। बढ़ जाएगा टैरिफ का बोझ?गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ का ऐलान किया है। यह कई अन्...
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