सहरसा, नवम्बर 8 -- सहरसा, हिन्दुस्तान संवाददाता। राजकीय पॉलिटेक्निक सहरसा ने 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने के राष्ट्रीय स्मारक पहल में उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिसने भारत के इतिहास में गीत की अनूठी और गहरी भूमिका और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों की सामूहिक पुकार के रूप में इसकी भावना का सम्मान किया। शुक्रवार की सुबह आयोजित कार्यक्रम में छात्रों, संकाय सदस्यों और कर्मचारियों की सक्रिय और हार्दिक भागीदारी देखी गई। उत्सव का मुख्य आकर्षण संस्थान के छात्रों द्वारा 'वंदे मातरम्' गीत का सामूहिक गायन था, जो एक शक्तिशाली कार्य था जिसने वास्तव में गीत की मूल, क्रांतिकारी भावना और भारत की सामूहिक चेतना के साथ इसके गहरे जुड़ाव को मूर्त रूप दिया। प्रो. मिथुन कुमार (प्रभारी प्राचार्य) ने कहा कि आज, जब हम 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष...
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