बिहारशरीफ, नवम्बर 10 -- नालंदा विश्वविद्यालय में भारतीय विदेश नीति के प्राचीन स्रोतों पर हुई विशेष कार्यशाला विदेश मंत्रालय और विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजन देश के राजनयिकों और शिक्षाविदों ने रखे विचार, सभ्यतागत दृष्टि पर हुई चर्चा फोटो: नालंदा 01-राजगीर के नालंदा विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला के बाद ग्रुप फोटो में विभिन्न क्षेत्रों से आए अतिथि और विद्वान। राजगीर, निज संवाददाता। नालंदा विश्वविद्यालय में 'भारतीय विदेश नीति के प्राचीन स्रोत' विषय पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला हुई। इसमें देश के प्रमुख राजनयिकों, विद्वानों और शिक्षाविदों ने एकमत से कहा कि भारत की हजारों साल पुरानी सभ्यतागत सोच और प्राचीन ज्ञान आज भी देश की आधुनिक विदेश नीति को प्रेरणा दे रहे हैं। भारत की नीतियां प्राचीनता और आधुनिकता के बीच लगातार संवाद...