नई दिल्ली, नवम्बर 25 -- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को कहा कि संविधान केवल कानूनों का दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और हमारे राष्ट्रीय चरित्र का मार्गदर्शक है। न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व जैसे मूल मूल्य हमारे लोकतंत्र की नींव हैं और युवाओं के लिए इन्हें समझना और अपने व्यवहार में उतारना बेहद आवश्यक है। बिरला संविधान दिवस के अवसर पर जयपुर के एक निजी विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संविधान को जानो जैसे प्रयास आज के समय की जरूरत हैं। जिन विश्वविद्यालयों में देश के अलग-अलग राज्यों और दुनिया के कई देशों से विद्यार्थी पढ़ते हैं वे भारत की विविधता का सबसे सुंदर स्वरूप दिखाते हैं। यही विविधता हमारी शक्ति है और संविधान इसे एक सूत्र में बांधने का कार्य करता है। बिरला ने कहा कि संविधान निर्म...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.