प्रयागराज, मार्च 3 -- हिंदुस्तानी एकेडेमी के गांधी सभागार में नया परिमल, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग और एकेडेमी की ओर से डॉ. कन्हैया सिंह की स्मृति में पांच दिवसीय साहित्य कुम्भ का शुभारंभ सोमवार को हुआ। एकेडेमी के सचिव डॉ. देवेंद्र प्रताप सिंह, विभाग की अध्यक्ष प्रो. लालसा यादव व उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के सदस्य डॉ. राज नारायण शुक्ल ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। पहले सत्र में भारत में साहित्य की प्राचीन परंपराएं विषय पर चर्चा करते हुए प्रो. राम किशोर शर्मा ने कहा कि भारतीय साहित्य की मूल चेतना धर्म है। आस्तिकता भारतीयों का स्वभाव है और चीजों को जनतांत्रिक करना उनका हिस्सा है। प्रो. अमरेंद्र त्रिपाठी ने इस्लाम के आक्रमण से लेकर दिल्ली की गद्दी पर बैठने तक भारतीय साहित्यिक चेतना में उथल पुथल की ओर ध्य...
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