हरिद्वार, मार्च 19 -- उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के सहयोग से भगवान शिव-पार्वती विवाह स्थल त्रियुगीनारायण में भारतीय विवाह संस्कार की महत्ता और दाम्पत्य मर्यादा विषय पर व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। जिसमें विवाह संस्कार को लेकर वक्ताओं ने विस्तार से जानकारी दी। त्रियुगीनारायण में आयोजित व्याख्यानमाला का शुभारंभ केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल के प्रतिनिधि विनोद देवशाली व निर्वतमान प्रधान प्रियंगा योगी तिवारी ने किया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता सुरेशानंद गौड व सच्चिदानंद सेमवाल ने विवाह किस प्रकार व कैसे किया जाना चाहिए, इस पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि विवाह संस्कार को विधि विधान से करने पर ही दाम्पत्य जीवन सुखमय व आनंददायक बनता है। कहा कि त्रियुगीनारायण मंदिर में इस समय वैश्विक जगत के वैवाहिक बंधने वाले इस पवित्र स्थान पर अपना ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.