लखनऊ, फरवरी 5 -- लखनऊ, संवाददाता। नेशनल पीजी कॉलेज में भारतीय ज्ञान परंपरा: ऐतिहासिक आधार और अंतर्विषयक दृष्टिकोण विषयक संगोष्ठी का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि व वक्ता हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली एक सतत बौद्धिक परंपरा का प्रतिनिधित्व करती है, जो ऐतिहासिक अनुभवों में निहित होने के साथ-साथ वर्तमान चुनौतियों के लिए भी अत्यंत प्रासंगिक है। राज्यपाल ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपराओं को केवल पाठ्य अध्ययन तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इन्हें शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं, शोध पद्धतियों और संस्थागत मूल्यों का अभिन्न अंग बनाया जाना चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आईकेएस नीति की समग्र, अनुभवात्मक और कौशल-आधारित शिक्षा की अवधारणा के अनुरूप है। उन्होंने वेदों की ओर पु...