अयोध्या, दिसम्बर 21 -- अयोध्या, संवाददाता। भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षण के साथ जोड़ने की प्रक्रिया को एक आंदोलन के रूप में लेने की आवश्यकता है। जब यह ज्ञान हमारे युवा व विद्यार्थियों तक संप्रेषित होगा, तब उनके शोध, अध्ययन व पठन-पाठन में मुखरित हो कर स्वतः ही चार्ल्स वुड, डीवी मैकाले और वामपंथी षडयंत्रों को पराजित और पराभूत कर देगा। यह उद्गार मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर के कुलपति डा. रविशंकर सिंह ने कही। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समविचारी संगठन समग्र चिन्तन (प्रज्ञा प्रवाह) के प्रांतीय अभ्यास वर्ग एवं साकेत महाविद्यालय अयोध्या के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित भारतीय ज्ञान परंपराः एक अनुशीलन विषयक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। वह इस संगोष्ठी और प्रांतीय अभ्यास वर्ग के उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता थे। उन्होंने कहा कि किसी की ना...