विकासनगर, जनवरी 2 -- सरदार महिपाल राजेन्द्र जनजातीय पीजी कॉलेज, सहिया में शुक्रवार को "भारतीय ज्ञान परंपरा: शिक्षा, विज्ञान एवं समाज में समकालीन प्रासंगिकता" विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में देश के विभिन्न शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं ने भारतीय ज्ञान परंपरा की आधुनिक संदर्भों में उपयोगिता पर विचार साझा किए। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्या अतिथि श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके जोशी ने वर्चुअल माध्यम से किया। उन्होंने कहा कि वेद और उपनिषदों में निहित ज्ञान आज की शिक्षा व्यवस्था के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने ऋग्वेद के "एकं सद् विप्रा बहुधा वदन्ति" और तैत्तिरीयोपनिषद के "सत्यं ज्ञानमनन्तं ब्रह्म" सूत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय चिंतन ज्ञान को बहुआयामी, तर्कसंगत और ...