नई दिल्ली, अप्रैल 11 -- 17 साल पहले मुंबई को जख्म देने वाला तहव्वुर राणा को भारत लाया जा चुका है। उसे लेकर एक और खुलासा हुआ है कि वह 26 नवंबर 2008 में हमला करने वाले आतंकवादियों को पाकिस्तान का सबसे बड़ा बहादुरी पुरस्कार दिलाना चाहता था। इतना ही नहीं उसने कथित तौर पर आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली से कहा था कि भारतीय इस हमले के 'लायक' थे। आतंकवादियों के उस हमले में 166 लोगों की मौत हुई थी और 300 से ज्यादा घायल हुए थे। अमेरिका के न्याय विभाग की तरफ से जारी विज्ञप्ति में राणा और हेडली के बीच बातचीत का जिक्र है। इसमें कहा गया है, 'हमले के बाद राणा ने कथित तौर पर हेडली से कहा था कि भारतीय इसके लायक हैं। हेडली के साथ इंटरसेप्टेड बातचीत में राणा ने हमले में मारे गए लश्कर ए तैयबा के 9 आतंकवादियों की कथित तौर तारीफ की थी।' करीब 10 आतंकियों ने मुंबई ...
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