गंगापार, जनवरी 1 -- सरकारी विकास के दावों की जमीनी हकीकत देखनी हो, तो कस्बा भारतगंज का मुख्य बाजार ही काफी है। यहां आज भी खुली, चौड़ी और कच्ची नाली विकास के नाम पर जनता के साथ किए गए मज़ाक की मूक गवाह बनी खड़ी हैं। बदबू, गंदगी और दुर्घटना का खतरा झेल रही ये नालियां सीधे तौर पर सरकारी सिस्टम की नाकामी उजागर कर रही हैं। वर्ष 2016 में पीडब्ल्यूडी द्वारा सड़क चौड़ीकरण के नाम पर तहसील प्रशासन और नगर पंचायत की संयुक्त कार्रवाई में कई घरों, दुकानों और चबूतरों को तोड़ दिया गया था। उस समय जाम से निजात, बाजार के सौंदर्यीकरण और पक्की नालियों के निर्माण के बड़े-बड़े वादे किए गए। लेकिन लगभग नौ साल बीत जाने के बाद भी हालात न बदले बल्कि और बिगड़ गए। कस्बे के शुक्रवारी बाजार से भारतगंज-प्रतापपुर (बीपी) मार्ग गुजरता है, जिसके सड़क किनारे खुली नालियां राह...
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