शाहजहांपुर, जनवरी 1 -- मोहल्ला लोदीपुर नई बस्ती में श्रीबालाजी मानस सेवा समिति के तत्वावधान में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन कथाव्यास आचार्य अंकुर शुक्ल ब्रजराजदासदास ने विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जो भक्त भगवान से भक्ति भाव से संबंध बनाता है, उसकी रक्षा की जिम्मेदारी भगवान स्वयं निभाते हैं। कथा के दौरान उन्होंने मां देवकी के आग्रह पर छह पुत्रों की वापसी, सुभद्रा हरण और सुदामा चरित्र का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि कृष्ण और सुदामा की मित्रता त्याग और निस्वार्थ भाव का उदाहरण है। द्वारिका में सुदामा के आगमन पर कृष्ण द्वारा उन्हें गले लगाने और राजसिंहासन पर बैठाने का प्रसंग सुनाया गया। इसके बाद भागवत आरती कराई गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।

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